Book Summary

Hackers and Painters || Book Summary In Hindi || By Svm Ntpc Tech || Part – 1

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दो लफ्जों में 

हैकर्स एन्ड पेंटर्स (Hackers and Painters) में हम हैकर्स को अच्छे से जानने की कोशिश करेंगे और यह देखेंगे कि किस तरह से वे दुनिया को बदल सकते हैं। यह किताब हमें बताती है कि एक हैकर किस तरह से खुद को बेहतर बना सकता है और किस तरह से वो बहुत अच्छे पैसे कमा सकता है। साथ ही यह किताब हमें प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के बारे में भी जानकारी देती है।

यह किसके लिए है 

-वे जो टेक्नोलॉजी में दिलचस्पी रखते हैं।

-वे जो एक हैकर या प्रोग्रामर हैं।

-वे जो कंप्यूटर के फील्ड में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं।

लेखक के बारे में 

पाउस ग्राहम ( Paul Graham ) एक कंप्यूटर साइंटिस्ट, आन्त्रप्रीन्योर, वेंचर कैपिटलिस्ट और लेखक हैं। वे लिस्प प्रोग्रामिंग लैंग्वेज पर किए गए अपने काम के लिए जाने जाते हैं। वे वियावेब के को-फाउंडर भी हैं।

यह किताब आपको क्यों पढ़नी चाहिए

आज को वक्त में बहुत से लोग अपने पड़ोसियों से बेहतर दिखने की कोशिश करने में अपना बहुत सा समय बिता रहे हैं। लोग समाज के खौफ से वो काम नहीं करते जो वे करना चाहते हैं क्योंकि वे नहीं चाहते कि उनकी इमेज खराब हो। लेकिन हमारे बीच कुछ इस तरह के लोग रहते हैं जिन्हें समाज और उसके नियम से कोई फर्क नहीं पड़ता। यह किताब उन्हीं के लिए लिखी गई है।

आज का जमाना टेक्नोलॉजी का है। जो लोग नए किस्म के साफ्टवेयर बना कर मार्केट में ला रहे हैं और लोगों की समस्या को सुलझा रहे हैं, वो लोग बहुत अच्छा पैसा कमा रहे हैं और कामयाब लोगों में गिने जा रहे हैं। अगर आप एक प्रोग्रामर हैं, तो यह किताब आपको बताएगी कि आप किस तरह से कामयाब हो सकते हैं। यह किताब हमें प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के बारे में भी बहुत सी बातें बताती है।



इसे पढ़कर आप सीखेंगे 

-हैकर्स और पेंटर्स किस तरह से एक जैसे होते हैं।


-एक हैकर किस तरह से अच्छे पैसे कमा सकता है।

आज के वक्त में नैतिकता और फैशन बहुत तेजी से बदल रहे हैं, लेकिन समझदार लोगों को दोनों से ही कोई फर्क नहीं पड़ता।

हम जिस भी तरह का फैशन करते हैं, वो एक समय के साथ बंधा होता है। पहले के वक्त में लड़कों के लिए लम्बे बाल रखना और क्लीन शेव करना फैशन हुआ करता था। लोग उस समय अजय देवगन जैसा बनने की कोशिश किया करते थे। लेकिन आज के वक्त में छोटे बाल और दाढ़ी रखने का फैशन चल रहा है।

ठीक इसी तरह से अगर आप 100 साल पहले जाएं, तो उस समय के लोगों का फैशन कुछ दूसरा हुआ करता था। ठीक इसी तरह से नैतिकता भी समय के साथ बदलती जा रही है। पहले के लोग जिस तरह के स्वभाव को अच्छा मानते थे, आज वे उसे गलत मानते हैं। पहले के वक्त के लोग सलाह देते थे कि हमें समाज के हिसाब से रहना चाहिए, लेकिन आज के वक्त के लोगों को यह सलाह दी जाती है कि वे इसकी परवाह ना करें कि दूसरे उनके बारे में क्या सोच रहे हैं। 

तो इस तरह से फैशन और नैतिकता समय के साथ बहुत तेजी से बदल जाते हैं। लेकिन हमारे समाज का एक ऐसा ग्रुप है जिसे इन बदलावों से कोई फर्क नहीं पड़ता। इन्हें नर्ड कहा जाता है, जिसका मतलब उन लोगों से है जो अकेले रहते हैं और बहुत दिमाग वाले होते हैं।

नर्ड अपने दोस्तों में बिल्कुल पापुलर नहीं होते और ना ही वे बनने की कोशिश करते हैं। वे अपना खाली समय खुद को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। वे लोग अक्सर एक ही कपड़े को कई साल तक पहनते रहेंगे और अपनी प्रोफाइल पिच्चर को कभी अपडेट नहीं करेंगे।


नर्ड कभी स्कूल या कालेज में बहुत फेमस नहीं होते, वे कभी क्लास के मानिटर नहीं बनते और ना ही उनके बहुत सारे दोस्त होते हैं। वे ज्यादातर समय खुद को बेहतर बनाने में बिताते हैं और इसलिए जब वे स्कूल या कालेज से बाहर आते हैं, तो वे असल जिन्दगी में बहुत अच्छा करते हैं, जहाँ पर फेमस होना कुछ ज्यादा मायने नहीं रखता।

कंप्यूटर हैकर्स भी एक तरह के आर्टिस्ट होते हैं जो समस्या का समाधान बनाते हैं।

बहुत से लोग जब हैकर का नाम सुनते हैं, तो उनके दिमाग में एक आदमी आता है जो कि अंधेरे कमरे में कंप्यूटर के सामने बैठकर किसी कंपनी की सिक्योरिटी तोड़ने की कोशिश कर रहा है। लेकिन जब वे एक पेंटर के बारे में सोचते हैं, तो उनके दिमाग में एक ऐसा व्यक्ति आता है जो कि एक मास्टर पीस बनाने की कोशिश कर रहा है।

लेकिन यहाँ पर हम आपको बता दें कि एक हैकर और एक पेंटर में बहुत सी बातें मिलती हैं। एक हैकर एक प्रोग्रामर होता है जो कि कंप्यूटर के जरिए कुछ भी कर सकता है। उसका दिमाग एक मैथमैटिशियन का होता है, जो कि समस्या का समाधान बनाता है,ना कि उसे खोजता है। एक पेंटर भी एक कान्सेप्ट को बनाने की कोशिश करता है, ना कि कहीं से खोजने की।

जिस तरह से एक पेंटर अपनी ब्रश उठाकर पेंटिंग बनाने लगता है और फिर उसमें की गलत चीजों को मिटा कर फिर से बनाता है, उसी तरह से एक हैकर भी कंप्यूटर पर कोड को लिखता जाता है और जैसे- जैसे उसे जरूरत महसूस होती है, वो उसे सुधारता जाता है।

एक पेंटर के काम को कामयाब तब कहा जाता है जब देखने वालों को उसकी पेंटिंग बहुत पसंद आए। ठीक इसी तरह से एक हैकर के काम को कामयाब तब कहा जाता है जब उसका साफ्टवेयर इस्तेमाल करने वालों की समस्या सुलझ जाए और वे उससे खुश हो जाएं। एक पेंटर की तरह उसका भी गोल होता है अपने आडियंस को खुश करना।


इस तरह से हैकर और पेंटर, दोनों का दिमाग, काम करने का तरीका और गोल एक ही होता है।

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