Book SummaryCommunication

एक्सिडेंटल जीनियस (Accidental Genius) || Book Summary In Hindi || By Svm Ntpc Tech || Part – 2


आप जैसा सोचते हैं वैसा ही लिखिए, अपनी सोच के साथ बहते रहिए और अपने ध्यान को एक सही रास्ता दीजिए।

फ्रीराइटिंग के और भी कुछ नियम हैं।

– अपनी सोच में बदलाव मत कीजिए: आप जब भी कुछ लिखने बैठें, आप सिर्फ अपने समझने के लिए लिखिए। आप इस तरह से लिखने कोशिश मत कीजिए जिससे आपका लिखा हुआ दूसरों को भी आसानी से समझ में आए। फिलहाल आप सिर्फ वो लिखते जाइए जो आपके दिमाग में आ रहा है। एक बार आपने अपनी सोच को लिख लिया तो आप वापस जा कर उसे अच्छा रूप दे सकते हैं।

अगर आप ग्रामर के बारे में या दूसरी बातों के बारे में सोचेंगे तो आप अपनी सोचने की कला को मार देंगे। इससे आपका दिमाग दूसरी ओर भटक सकता है।

अपनी सोच के साथ बहते रहिए: आप जैसे जैसे सोच रहे हैं वैसे वैसे ही लिखते जाइए। अगर बीच में लिखते वक्त आपको लगता है कि आप ऊपर लिखी गयी बातों को और अच्छे ढंग से लिख सकते हैं तो आप ऊपर जा कर सुधार मत कीजिए। आपके अंदर जो भी खयाल आएँ आप बन उन्हें लिखते जाइए।

एक बार आपने रास्ता तय कर लिया तो आप बस चलते रहिए। आप पीछे मुड़कर सुधार करने की कोशिश मत कीजिए बल्कि आपके अंदर जो भी आए बस उसे उसी धुन में लिखते चले जाइए। इससे आप अपने अंदर के सारे आइडियाज़ को बाहर निकाल सकते हैं और बाद में उन सभी को अपनी जरूरत के हिसाब से समेट सकते हैं।

– अपने ध्यान को एक सही रास्ता दीजिए: लिखते वक्त अक्सर ऐसा होता है कि आप तय नहीं कर पाते कि आपको क्या करना है। ऐसे में आप अपने आप से कुछ सवाल कीजिए जो आपको इस समस्या से निकलने में मदद कर सकें। जैसे आप अपने आप से पूछिए कि आप क्या गलत कर रहे हैं। या फिर आप पूछिए कि आप कैसे इसे सुधार सकते हैं। 


फ्रीराइटिंग से आप अपनी सोच को अपने साथ लम्बे समय तक रख सकते हैं।

हमारा दिमाग हर वक्त कुछ ना कुछ सोचता रहता है। ऐसे में आपके अंदर बहुत सारी बातें आती रहती हैं जिनमें से कुछ आपकी ज़िन्दगी बदलने की ताकत रखती हैं। लेकिन यादों के इस समंदर में आपके काम की बात अगर खो जाए तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है।

इसलिए आप अपने आइडियाज़ को लिख कर रखिए। अगर आप लिखेंगे तो आप अपने आइडियाज़ को लम्बे समय तक अपने साथ रख पाएंगे। लिखने से आप अपने आइडियाज़ का रिकार्ड रख पाएंगे।

मान लीजिए आपको सामान लेना है। अगर आप अपने सामान की लिस्ट बना लेंगे तो आप कोई सामान नहीं भूलेंगे।

फ्रीराइटिंग से पहले आप कुछ प्रॅाम्प्ट लिखिए। प्रॅाम्प्ट छोटी छोटी लाइनें होती हैं जो आपकी सोच को एक दिशा दे सकती हैं। एक प्रॅाम्प्ट आपको रास्ता दिखाने में मदद कर सकती है। इसकी मदद से आप अपने आइडियाज़ की एक आउटलाइन तैयार कर सकते हैं और फिर उसकी मदद से एक सही दिशा में अपने आप को लेकर जा सकते हैं।

मान लीजिए आप एक कहानी लिख रहे हैं। कहानी की शुरुआत आप कुछ इस तरह से कर सकते हैं – “ये बात उस समय की है जब…” या फिर आप इसकी शुरुआत ये लिख कर कर सकते हैं – “मुझे अब भी वो दिन याद है जब… “। इस तरह की दूसरी लाइने आपको आपकी कहानी की शुरुआत करने में मदद कर सकती हैं।

प्रॅाम्प्ट लिखने से आपके अंदर कुछ नए आइडियाज़ आ सकते हैं। यह आपके लिखने में आपकी काफी हद तक मदद कर सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close